इसके बाद शिक्षा बोर्ड की विशेष समिति की पड़ताल में भी उत्तरपुस्तिकाओं से छेड़छाड़ के संकेत मिले। जांच रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने प्रभावित नौ विद्यार्थियों के अंकों में 4 से 23 तक की वृद्धि की है। शिक्षा बोर्ड की ओर संशोधन के बाद विद्यार्थियों के 36 से 42, 29 से 33, 26 से 32, 31 से 36, 22 से 45, 30 से 35, 31 से 35 और 31 से 35 अंक हुए हैं। अब संशोधित अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को डुप्लीकेट सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा। साथ ही बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी विद्यार्थियों से संबंधित आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की गई है।