दून के विधायक राम कुमार चौधरी ने राज्य सभा के सदस्य हर्ष महाजन को एक दलाल बताया और कहा कि वह स्वयं उनके घर आए थे और भाजपा में शामिल करने का प्रस्ताव दिया। जब मना किया तो नाराज हो कर चले गए थे। अब एक साल बाद इन लोगों को दोबारा इसकी याद आई है। शक है कि कहीं वह मेरे खिलाफ कोई षड्यंत्र तो नहीं रच रहे हैं। जिस नेता के कहने पर वह दून आए थे। अगर वह उसे चुनाव लड़ाएं तो उन्हें पता चल जाएगा कि वह कितने पानी में हैं। पूरी जिंदगी हर्ष महाजन ने कांग्रेस को अपनी मां बताया और बुढ़ापे में मां से दगा करके भाजपा में शामिल हुए।
पत्रकारों से बातचीत में रामकुमार ने कहा कि भाजपा की सरकार बनाने का वादा करने के बाद हर्ष महाजन भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि हर्ष वीरभद्र के साथ खास थे और उन्हें राजनीति का पूरा अनुभव है। वह सरकार गिरा सकते हैं, इस पर भाजपा ने उन्हें राज्यसभा का सांसद बनाया। सांसद बनने के बाद उन्होंने खरीद फरोख्त की और उनके पास भी दलाल बन कर उनके घर आए थे। उन्हें अब डर है कि कहीं वे उनके खिलाफ षड्यंत्र रचें, उससे पहले वह कोर्ट की शरण में जा रहे हैं।