राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए भी योजना बनाई है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा और यहां आईजीएमसी व टांडा मेडिकल काॅलेज की तर्ज पर सुपर स्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संबंध में अटल विवि का राज्य सरकार के साथ पत्राचार चल रहा है। इसे अगली कैबिनेट बैठक में पेश किया जाएगा। पहले अटल आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लिए सुंदरनगर के बलग में 130 बीघा भूमि की तलाश की गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने विश्वविद्यालय को वहां शिफ्ट करने का विरोध किया था। इसके चलते अब बल्ह घाटी में नया प्रस्ताव रखा गया है।
इस बदलाव के साथ विश्वविद्यालय के लिए प्रशासनिक भवन, लाइब्रेरी, हॉस्टल और आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा। नेरचौक मेडिकल कॉलेज को विस्तार देने से न केवल अस्पताल की सुविधाओं में वृद्धि होगी, बल्कि यहां मौजूद चिकित्सा सेवाएं भी मजबूत होंगी। परिसर में जगह की कमी के कारण मशीनरी और उपकरणों के लिए पर्याप्त स्थान नहीं था, लेकिन अब शिफ्ट होने से यह समस्या हल होगी और वार्डों का भी विस्तार संभव होगा।
विश्वविद्यालय को शिफ्ट करने का मामला सरकार से उठाया गया है और बल्ह में इसके लिए उपयुक्त जगह देखी गई है। यह बदलाव मेडिकल कॉलेज के विस्तार में भी सहायक साबित होगा।- सुरेंद्र कश्यप, वाइस चांसलर, अटल आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय