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हिमाचल प्रदेश: कांग्रेस ने कहा- जॉब ट्रेनी नीति को लेकर भ्रम फैला रही भाजपा, दो साल बाद होगा नियमितीकरण

Fri, 25 Jul 2025 08:50 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शुक्रवार को राज्य सचिवालय में प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जॉब ट्रेनी नीति को लेकर भाजपा भ्रम फैला रही है। पढ़ें पूरी खबर...
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सचिवालय में प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस नेता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि जॉब ट्रेनी नीति को लेकर भाजपा भ्रम फैला रही है। दो साल बाद कर्मियों का नियमितीकरण किया जाएगा। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार नई नीति लाई है। दो वर्ष का सेवाकाल पूरा होने के बाद ली जाने वाली परीक्षा केवल दक्षता का ज्ञान जांचने को होगी। उन्होंने प्राकृतिक आपदा से राहत के लिए केंद्र सरकार की ओर से अभी तक विशेष आर्थिक पैकेज नहीं देने पर भी सवाल उठाए।

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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जॉब ट्रेनी नीति के तहत नियुक्त कर्मचारी 2 साल के बाद नियमित होंगे। दो साल में सीखे गए काम के आधार पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। विभाग में पदोन्नतियों के लिए जिस तरह से परीक्षा होती है यह भी वैसे ही होगी। वन मित्र और पशु मित्र जैसी भर्तियों को भी नई जॉब ट्रेनी नीति के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि भविष्य में सिर्फ एक ही पद्धति पर सरकारी क्षेत्र में रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2 वर्ष बाद कर्मचारियों की परीक्षा उनकी दक्षता का ज्ञान जानने के लिए ली जाएगी। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि 2 वर्ष में ली जाने वाली परीक्षा के आधार पर कर्मचारी नियमित होंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा नेता भ्रम फैलाने और युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

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विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्ष में 42,000 को सरकारी क्षेत्र व 70 हजार को गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हिमाचल में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार ने अभी तक कोई विशेष पैकेज हिमाचल को जारी नहीं किया है। भाजपा सांसदों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान आपदा राहत के लिए 5-5 करोड़ रुपये का योगदान देने की बात कहनी चाहिए थी। केवल सिंह पठानिया ने कहा कि केंद्र सरकार को बिना देरी किए प्रदेश को विशेष आपदा राहत पैकेज जारी करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा आने के बाद सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और उसके बाद केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर प्रदेश के पक्ष को रखा। 15 राहत शिविरों में 341 लोगों को आश्रय प्रदान किया और 225 करोड़ रुपए जारी किए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा वस्तुस्थिति से अवगत हैं। ऐसे में उनको तुरंत हस्तक्षेप करके केंद्र सरकार से उत्तराखंड, गुजरात और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर विशेष राहत पैकेज जारी कराना चाहिए।
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