सचिवालय में प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस नेता।
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मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि जॉब ट्रेनी नीति को लेकर भाजपा भ्रम फैला रही है। दो साल बाद कर्मियों का नियमितीकरण किया जाएगा। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार नई नीति लाई है। दो वर्ष का सेवाकाल पूरा होने के बाद ली जाने वाली परीक्षा केवल दक्षता का ज्ञान जांचने को होगी। उन्होंने प्राकृतिक आपदा से राहत के लिए केंद्र सरकार की ओर से अभी तक विशेष आर्थिक पैकेज नहीं देने पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जॉब ट्रेनी नीति के तहत नियुक्त कर्मचारी 2 साल के बाद नियमित होंगे। दो साल में सीखे गए काम के आधार पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। विभाग में पदोन्नतियों के लिए जिस तरह से परीक्षा होती है यह भी वैसे ही होगी। वन मित्र और पशु मित्र जैसी भर्तियों को भी नई जॉब ट्रेनी नीति के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि भविष्य में सिर्फ एक ही पद्धति पर सरकारी क्षेत्र में रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2 वर्ष बाद कर्मचारियों की परीक्षा उनकी दक्षता का ज्ञान जानने के लिए ली जाएगी। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि 2 वर्ष में ली जाने वाली परीक्षा के आधार पर कर्मचारी नियमित होंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा नेता भ्रम फैलाने और युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।