वाणिज्यिक और सेवा क्षेत्र के इन संस्थानों में बिजली खपत अपेक्षाकृत अधिक होती है। इन उपभोक्ताओं को व्यावसायिक दरों पर 6.40 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल जारी होते हैं। अब प्रति यूनिट दो रुपये उपकर लगने से इनके बिजली बिल में और बढ़ोतरी हो जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राजस्व बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है। उपकर से राज्य को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इस आय का उपयोग ऊर्जा क्षेत्र के विकास और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा।