जिन मामलों में मौके पर जुर्माना वसूल नहीं किया जा सका, उन्हें नियमानुसार कंपाउंडिंग के लिए अदालत भेज दिया गया है। डीजीपी अशोक तिवारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की शुरुआती लत से बचाना भी है। बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों को अक्सर गंभीर मादक पदार्थों की ओर बढ़ने का प्रवेशद्वार माना जाता है। इसी वजह से नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक, बिना वैध लाइसेंस के बिक्री बंद कराना, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू की उपलब्धता समाप्त करना तथा प्रतिबंधित स्थानों पर तंबाकू सेवन और उसके विज्ञापनों पर सख्ती से रोक लगाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्रवाई के साथ दुकानदारों को तंबाकू नियंत्रण कानूनों और इसके दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया।