हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सहकारी बैंक के कर्मचारियों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी को नियुक्ति के बाद चार साल तक पदोन्नति नहीं मिलती है, तो वह नई एश्योर्ड कॅरियर प्रोग्रेशन स्कीम (एसीपीएस) के तहत अगले ग्रेड पे का लाभ पाने का हकदार होगा। हाईकोर्ट के न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने बैंक प्रबंधन को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं को चार वर्ष की सेवा पूरी होने की तिथि से एसीपीएस का लाभ प्रदान करे। हालांकि, याचिका दायर करने में हुई देरी को देखते हुए अदालत ने वित्तीय एरियर के भुगतान को सीमित करते हुए कहा कि कर्मचारियों को याचिका दायर करने की तिथि से तीन वर्ष पूर्व तक की अवधि का ही बकाया मिलेगा।