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Himachal News: राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वेतन संशोधन बकाया के लिए मंजूरी मांगी, मुख्य सचिव को लिखा पत्र

Wed, 02 Oct 2024 07:31 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सरकार से अपने कर्मचारियों को शेष वेतन संशोधन बकाया जारी करने की मंजूरी मांगी है। बोर्ड ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि वह सेवानिवृत्त और प्रतिनियुक्ति कर्मचारियों सहित बोर्ड कर्मचारियों को शेष वेतन संशोधन बकाया जारी करने की मंजूरी के लिए वित्त विभाग के साथ मामला रखे।
 
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हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सरकार से अपने कर्मचारियों को शेष वेतन संशोधन बकाया जारी करने की मंजूरी मांगी है। बोर्ड सदस्य सचिव अनिल जोशी ने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को पत्र लिखा है कि वेतनमानों के संशोधन के बाद 1 जनवरी 2016 से बोर्ड कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की गई थी। कुल वेतन संशोधन बकाया की गणना लगभग 4.76 करोड़ रुपये की गई है, जबकि 80.65 लाख रुपये की प्रारंभिक किस्त पहले ही जारी की जा चुकी है। शेष 3.96 करोड़ का भुगतान बाकी है।

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उन्होंने कहा कि वेतन संशोधन बकाया के मामले पर 20 अगस्त को आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में चर्चा के बाद मंजूरी दी गई थी। बोर्ड ने इसके लिए अपना स्वयं का कोष बनाने का भी निर्णय लिया। बोर्ड ने कहा कि यह एक आत्मनिर्भर विनियामक प्राधिकरण है, जो प्रदूषण नियंत्रण गतिविधियों से संबंधित शुल्क और प्रभारों के माध्यम से अपने स्वयं के धन का सृजन करता है। बोर्ड ने तर्क दिया कि वेतन संशोधन बकाया जारी करने से न केवल कर्मचारियों के प्रति इसके वित्तीय दायित्व पूरे होंगे, बल्कि इसके भविष्य के कर दायित्व में भी कमी आएगी, जिससे इसकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। बोर्ड ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि वह सेवानिवृत्त और प्रतिनियुक्ति कर्मचारियों सहित बोर्ड कर्मचारियों को शेष वेतन संशोधन बकाया जारी करने की मंजूरी के लिए वित्त विभाग के साथ मामला रखे।

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अपने खर्च वहन करने को सरकार से अनुदान नहीं लेता बोर्ड
सदस्य सचिव ने कहा कि बोर्ड आत्मनिर्भर है और अपने खर्चों को वहन करने के लिए राज्य सरकार से कोई अनुदान नहीं लेता है और इसके पास अधिशेष आय यानी सकल आय-सकल व्यय पर आय कर का भुगतान करने के लिए अनिवार्य शेष वेतन जारी करने के लिए पर्याप्त धनराशि है। कर्मचारियों को वेतन पुनरीक्षण बकाया का भुगतान करने से बोर्ड की कर देयता कम हो जाएगी और भविष्य में वित्तीय बोझ भी कम होगा।
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