ऐसे होता था शिक्षा साथी एप पर कार्य
स्कूल निरीक्षण के लिए गठित टीमें शिक्षा साथी एप का प्रयोग सिर्फ स्कूल पहुंच कर ही कर सकती थी। जिला के किसी भी स्कूल के निरीक्षण के बाद ही इसकी जानकारी निदेशालय तक पहुंचती थी। इसमें एप ओपन करते ही जीपीएस भी ऑन हो जाता था और टीम की पूरी लोकेशन भी शिक्षा निदेशालय के पास पहुंच जाती थी। इसके बाद स्कूल की गतिविधियों सहित अन्य खामियों की रिपोर्ट को ऑनलाइन भरने के बाद इसे निदेशालय को सौंपा जाता था। अब विद्या समीक्षा केंद्र पर निरीक्षण टीम को स्कूल जाकर डाटा एकत्रित करने की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी। स्कूल, विद्यार्थी और अध्यापकों के संबंधित डाटा इसमें पहले से ही अपलोड होगा। वहीं सभी जानकारी स्कूल प्रबंधक को अपडेट करनी होगी।