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Himachal News: बेरोजगार युवाओं से चिट्टा तस्करी करवाता था सरगना, कंपनियों में नौकरी का दिया जाता था झांसा

Sun, 20 Oct 2024 02:38 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो/शिमला/रामपुर।

सार

अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह राधे गैंग का भंडाफोड़ होने के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह का मुख्य सरगना दलीप कुमार उर्फ राधे क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर अपने साथ ले जाता था और फिर नशे की तस्करी के काम में लगा देता था। 
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चिट्टा(फाइल) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रोहड़ू के बाद रामपुर में चिट्टा तस्करी के अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह राधे गैंग का भंडाफोड़ होने के बाद प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह का मुख्य सरगना दलीप कुमार उर्फ राधे क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर अपने साथ ले जाता था और फिर नशे की तस्करी के काम में लगा देता था। इसके लिए वह रामपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था। उन्हें बद्दी की कंपनियों में सुरक्षा कर्मी की नौकरी करने की बात कहकर ले जाता था और इसके बाद नशे की तस्करी करवाई जाती थी।

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शिमला पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में 20 से 30 लोग जुड़े हैं जो नशा तस्करी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस अब मुख्य सरगना दलीप कुमार उर्फ राधे से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े सदस्यों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में जुट गई है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह पंजाब से चिट्टे की तस्करी कर रामपुर के आसपास के क्षेत्र में नशे की सप्लाई करता था। मुख्य आरोपी दलीप उर्फ राधे बद्दी से गिरोह को चलाता था। मामले में पंजाब से नशे की सप्लाई करने वाले लोगों पर भी पुलिस की नजर है। उम्मीद है कि पुलिस उनको भी पकड़कर प्रदेश में नशे की तस्करी पर अंकुश लगाने में कामयाब होगी।

पंजाब से हो रही नशे की सबसे अधिक तस्करी
पड़ोसी राज्य पंजाब से चिट्टे की तस्करी हो रही है। जिला शिमला में पकड़े जाने वाले बाहरी राज्यों के तस्करों में 50 फीसदी से अधिक पंजाब राज्य से ही संबंध रखते हैं। जिला पुलिस इस साल अभी तक 102 अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करों को पकड़ चुकी है। इसमें 60 के करीब तस्कर पंजाब से संबंध रखते हैं। पंजाब में सीमा पार से नशे की तस्करी होने के बाद यह नशा आसानी से प्रदेश में पहुंच रहा है। इससे प्रदेश की युवा पीढ़ी नशे के दलदल में धंसती जा रही है।
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गिरोह ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
18 अक्तूबर को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर संदीप कुमार को 47.74 ग्राम चरस के साथ दबोचा। मामले की जांच करने पर पता चला कि एक गिरोह पूरे क्षेत्र में काफी समय से सक्रिय है। इसके बाद पुलिस ने जांच के आधार पर बद्दी में दबिश देकर दलीप कुमार उर्फ राधे को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। मामले की गहनता से जांच करने पर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही आरोपियों के बैंक खाते भी खंगाले जा रहे हैं। इससे पहले पुलिस रोहड़ू क्षेत्र में सालों से चिट्टा तस्करी का गिरोह चला रहे शाही महात्मा गैंग का भी भंडाफोड़ कर चुकी है। इसमें पुलिस गिरोह के कई सदस्यों और मुख्य भूमिका में रहने वाले लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। पुलिस का दावा है कि जल्द राधे गैंग के सभी सदस्य उसकी गिरफ्त में होंगे।

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जल्द और गिरफ्तारियां होंगी
रामपुर में सक्रिय राधे गैंग बेरोजगार युवाओं को कंपनियों में नौकरी का झांसा देकर चिट्टा तस्करी करवाता था। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द इसमें कई गिरफ्तारियां होंगी। नशा तस्करों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है- संजीव कुमार गांधी, एसपी, शिमला

पुलिस संपत्तियों की जांच में जुटी
डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि यह गैंग एक अंतरराज्यीय नशा तस्कर गैंग है। अंतरराज्यीय तस्करों से जुड़े इस गैंग के कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड में भेज दिया है। पुलिस इनकी संपत्तियों की जांच करने में जुटी है।
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