इसी संदर्भ में स्वारघाट परिक्षेत्र स्वारघाट वन मंडल के बीओ राम प्रकाश ने स्वारघाट पुलिस थाना में शिकायत पत्र दिया है। शिकायत में कहा कि वन खंड स्वारघाट में किरतपुर-नेरचौक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2012 से चल रहा है। जब्बल में फोरलेन बनाते समय सड़क के साथ लगती जमीन की खोदाई एक निजी कंपनी ने की और मिट्टी जब्बल के साथ लगती वन विभाग की जमीन पर अवैज्ञानिक तरीके से फेंक दी। यह मिट्टी बारिश में गोबिंद सागर झील में चली गई। इससे पर्यावरण प्रदूषण व जल प्रदूषण हो रहा था। वहीं सुन्नण में भी कंपनियों ने वन विभाग की भूमि पर अवैध तरीके से मिट्टी डंप की, जो बारिश के बाद सीधे गोबिंद सागर झील में पहुंच रही है और वायु और जल प्रदूषण फैल रहा है। बिलासपुर के एएसपी शिव चौधरी ने बताया कि दोनों अधिकारियों की शिकायत पर स्वारघाट पुलिस ने फोरलेन निर्माण कर रहीं पांच कंपनियों पर केस दर्ज किए हैं।