मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का आरोप है कि नेरचौक से मेडिकल कॉलेज के 41 प्रोफेसर हटा दिए गए हैं, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। हर एक मेडिकल कॉलेज का अलग कैडर बन रहा है। आईजीएमसी का भी अलग कैडर बन रहा है। नेरचौक के 28 डॉक्टरों को मंडी की उन डिस्पेंसरियों में रखा गया है, जहां डॉक्टर नहीं थे। मेडिकल कॉलेज में और ज्यादा स्टाफ दिया जाएगा ताकि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। कहा कि भाजपा ने संस्थान तो खोल दिए लेकिन एमआरआई जैसी मशीनें ठेके पर दे दी। अब ऐसा नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार करीब 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई है। अब इसी कर्ज को चुकाने के लिए वर्तमान सरकार को और कर्ज लेना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। प्रदेश आत्मनिर्भर की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पहले भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों से धन लुटा दिया जाता था, अब उसको बचाने का प्रयास किया है।