यह मामला लाहौल घाटी के ठगी के केस से जुड़ा है, जिसमें मुख्य आरक्षी हरीश इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (आईओ) हैं। बताया जा रहा है कि 13 नवंबर को आईओ ने कथित तौर पर स्थानीय शिकायतकर्ता बागवान को फोन पर धमकी दी और उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पुलिसकर्मी के इस दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर बागवान ग्रामीणों को लेकर रात के समय पुलिस स्टेशन पहुंच गए। जब ग्रामीण थाने पहुंचे तो मुख्य आरक्षी शराब के नशे में मिला।
मामला तब उजागर हुआ, जब कारदंग गांव के ग्रामीणों ने मुख्य आरक्षी का नशे में वीडियो बनाया। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य आरक्षी ने फोन पर किसानों से अभद्र व्यवहार और बदतमीजी की। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लाहौल-स्पीति की पुलिस अधीक्षक को दी। सूचना मिलते ही एसपी शिवानी मेहला रात करीब 10:00 बजे स्वयं केलांग थाना पहुंचीं और मामले की पूरी जानकारी ली। उन्होंने तत्काल मुख्य आरक्षी का मेडिकल करवाने के आदेश दिए। इसमें उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसपी ने वीरवार रात करीब 2:00 बजे उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सेब कारोबारी ने ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई है। उसका भी मेडिकल करवाया जा रहा है।