इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों का अभाव है। हृदयाघात, गंभीर दुर्घटनाओं, गर्भावस्था की जटिलताओं तथा अन्य मेडिकल आपात स्थितियों में केवल सड़क मार्ग पर निर्भर रहना मरीजों के लिए जोखिमपूर्ण है। ऐसे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से समर्पित एवं स्थायी एयर एंबुलेंस सेवा इन क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस मांग को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस विषय पर हिमाचल प्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित कर शीघ्र स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।