मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र में गए भाजपा के नौ नेता प्रदेश के हितों की लड़ाई लड़ने के बजाय अपनी ही पार्टी के भीतर खोदल (खलल) डालने में लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आपदा के बाद केंद्र से 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि लाने के लिए भाजपा का कोई भी नेता आगे क्यों नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल ने हाल के वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं का गंभीर दंश झेला है। ऐसे समय में प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य के हित में एकजुट होकर केंद्र से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने इस दिशा में कोई प्रभावी पहल नहीं की। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी व्यक्ति विशेष से आपदा राहत के लिए कोई मांग नहीं की। प्रदेश के हितों की रक्षा करना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। केंद्र में प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं को स्वयं आगे बढ़कर हिमाचल के लिए विशेष राहत पैकेज की पैरवी करनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आपदा प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार अपने संसाधनों के साथ-साथ केंद्र से मिलने वाली सहायता का भी प्रभावी उपयोग कर रही है।