स्वास्थ्य जांच के बाद जिन विद्यार्थियों में खून की कमी और फिर नजरें कमजोर होंगी। इसकी जानकारी स्कूल प्रधानाचार्य को दी जाएगी। ज्यादा दिक्कत होने पर विद्यार्थियों को अस्पताल में इलाज करने की सलाह दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में विद्यार्थियों को खानपान में क्या परहेज करना चाहिए व किस उम्र तक विद्यार्थियों का कितना वजन कितना होना चाहिए, इसकी जानकारी भी डाॅक्टर देंगे। यह अभियान एक महीने तक चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकार को भी इसकी रिपोर्ट देनी होगी। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने बताया कि हिमाचल का हर व्यक्ति स्वस्थ रहें। इसके चलते यह अभियान चलाया गया है।