उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व की अनुबंध नीति में भी कर्मचारियों को दो वर्षों तक अनुबंध पर रखा जाता था। नई नीति में भी प्रशिक्षु दो वर्षों की ट्रेनिंग पर रहेंगे। दो वर्ष की ट्रेनिंग अवधि के बाद एक सामान्य विभागीय परीक्षा लेने का प्रावधान है, जिसके बारे में जल्द ही कार्मिक विभाग स्थिति स्पष्ट करेगा।
उन्होंने कहा कि जो भी अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं राज्य चयन आयोग के माध्यम से चयनित होंगे, उन्हें दो वर्ष के बाद नियमित किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि पुरानी अनुबंध नीति में कई व्यावहारिक खामियां थीं, जिनके चलते कर्मचारियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता था और कई मामले न्यायालयों में लंबित हो जाते थे। इन्हीं खामियों को दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने 19 जुलाई, 2025 को नई ट्रेनी नीति जारी की है। नई नीति के तहत नियुक्त प्रशिक्षु दो वर्ष की प्रशिक्षण अवधि के दौरान विभागीय कार्यों को सीखेंगे और प्रशिक्षण के बाद वे विभागीय कामकाज को अधिक दक्षता और प्रभावशाली ढंग से निभा सकेंगे।
ये भी पढ़ें- Himachal Pradesh: जॉब ट्रेनी की दो साल में सीखे काम के आधार पर होगी परीक्षा, पास होने वाले ही होंगे नियमित