राज्य सचिवालय के कर्मचारी नेताओं ने 15 अक्तूबर को फिर से जनरल हाउस बुला लिया है। अपने खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस वापस नहीं लेने और कर्मचारियों की लंबित मांगों की सुनवाई नहीं लेने के चलते यह फैसला लिया गया है। यह जानकारी राज्य सचिवालय सेवाएं कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा और महासचिव कमल कृष्ण शर्मा ने दी।
मंगलवार को राज्य सचिवालय शिमला में अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। महासचिव कमल कृष्ण शर्मा के अनुसार इसमें यह तय किया गया है कि 15 अक्तूबर को डेढ़ बजे राज्य सचिवालय परिसर में एक जनरल हाउस को बुलाया जाए। गौरतलब है कि इससे पहले भी सचिवालय सेवाएं महासंघ दो बार इस तरह के जनरल हाउस बुला चुका है और कर्मचारियों के वेतन व एरियर की मांगों को प्रमुखता से उठा चुका है।
इसी जनरल हाउस को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कर्मचारी नेताओं पर आरोप लगाए थे कि उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जो एक विधायक के विशेषाधिकार की अवमानना है। राजेश धर्माणी ने इसी बारे में विधानसभा अध्यक्ष को राज्य सचिवालय के पांच कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया है, जिस पर सचिवालय प्रशासन विभाग से जवाब मांगा गया है। इस बीच राज्य सचिवालय के इन कर्मचारी नेताओं को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री इन्हें बातचीत के लिए बुलाएंगे।