छात्रों को बनाया जाएगा हाउसहोल्ड सुपरवाइजर
सदस्य सचिव ने कहा कि घरों में कचरा पृथक्करण की आदत विकसित करने में विद्यार्थियों की अहम भूमिका होगी। स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से पाठ्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक मॉड्यूल शामिल किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को ‘हाउसहोल्ड सुपरवाइजर’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे अपने परिवारों को घर में शत-प्रतिशत कचरा अलग करने के लिए प्रेरित कर सकें। राज्यस्तरीय समिति और जिलास्तरीय क्रियान्वयन समितियों का गठन किया है। स्कूलों में और उच्च शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक मॉड्यूल शामिल कर रहे हैं।
ग्रीन विलेज और मॉडल विलेज की तर्ज पर विकसित करने की योजना
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रदेश के अन्य विभागों के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर की स्वच्छता रैंकिंग में हिमाचल के दो-तीन शहरों को टॉप-10 में लाने की तैयारी कर रहा है। इन शहरों के नाम जल्द घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के कुछ गांवों को ‘ग्रीन विलेज’ और ‘मॉडल विलेज’ की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। बोर्ड सिंगल यूज प्लास्टिक और माइक्रो प्लास्टिक पर रोक को और प्रभावी बनाने के लिए बाय-बैक नीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श कर रहा है। इसके साथ ही डिपॉजिटरी फंड योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के संग्रह, पुनर्चक्रण और उचित प्रबंधन को बढ़ावा देना है।