फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: धर्मपुर हाउसिंग प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द, आवंटियों को जमा राशि लौटाने का आदेश

Fri, 26 Jun 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

रेरा ने हिमुडा के धर्मपुर हाउसिंग प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द कर दिया है। साथ ही प्राधिकरण ने सभी आवंटियों को जमा राशि 10.8 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
हिमाचल रेरा। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने हिमुडा के धर्मपुर हाउसिंग प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द कर दिया है। साथ ही प्राधिकरण ने सभी आवंटियों को जमा राशि 10.8 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। आदेश के अनुसार, हिमुडा को 60 दिन में सभी आवंटियों को ब्याज सहित रिफंड देना होगा। 28 अप्रैल 2026 से प्रभावी 10.8 प्रतिशत ब्याज दर लागू होगी। यदि भविष्य में हिमुडा इस क्षेत्र में नई योजना लाता है, तो मौजूदा आवंटियों को प्राथमिकता दी जाए। हिमुडा को 30 दिन के भीतर सभी आवंटियों को परियोजना के पंजीकरण रद्द होने की सूचना भी देनी होगी।

विज्ञापन

शिकायतकर्ता ने 2022 में बुक किया था प्लॉट नंबर 33

मामला शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने 31 अगस्त 2022 को धर्मपुर हाउसिंग प्रोजेक्ट में प्लॉट नंबर 33 बुक किया था और 4.75 लाख रुपये जमा किए थे। शिकायत में परियोजना में अत्यधिक देरी और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे। हिमुडा ने अपने पक्ष में कोविड-19 महामारी, ठेकेदार की लंबी बीमारी, भूस्खलन, पानी की कमी और कानूनी विवादों को देरी के प्रमुख कारण बताया।

प्राधिकरण को बताया गया कि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान भारी बारिश के कारण परियोजना स्थल पर भूस्खलन हुआ। वहीं, जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना भी स्थानीय मुकदमेबाजी के चलते प्रभावित रही। रेरा ने माना कि परियोजना बुनियादी ढांचे की कमी, प्राकृतिक आपदाओं और कानूनी अड़चनों के कारण व्यावहारिक नहीं रह गई है। इसके बाद परियोजना का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया गया।
 
विज्ञापन

रेरा ने ये कहा

प्राधिकरण को बताया गया कि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान भारी बारिश के कारण परियोजना स्थल पर भूस्खलन हुआ। वहीं, जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना भी स्थानीय मुकदमेबाजी के चलते प्रभावित रही। रेरा ने माना कि परियोजना बुनियादी ढांचे की कमी, प्राकृतिक आपदाओं और कानूनी अड़चनों के कारण व्यावहारिक नहीं रह गई है। इसके बाद परियोजना का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें