मामला शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने 31 अगस्त 2022 को धर्मपुर हाउसिंग प्रोजेक्ट में प्लॉट नंबर 33 बुक किया था और 4.75 लाख रुपये जमा किए थे। शिकायत में परियोजना में अत्यधिक देरी और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे। हिमुडा ने अपने पक्ष में कोविड-19 महामारी, ठेकेदार की लंबी बीमारी, भूस्खलन, पानी की कमी और कानूनी विवादों को देरी के प्रमुख कारण बताया।
प्राधिकरण को बताया गया कि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान भारी बारिश के कारण परियोजना स्थल पर भूस्खलन हुआ। वहीं, जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना भी स्थानीय मुकदमेबाजी के चलते प्रभावित रही। रेरा ने माना कि परियोजना बुनियादी ढांचे की कमी, प्राकृतिक आपदाओं और कानूनी अड़चनों के कारण व्यावहारिक नहीं रह गई है। इसके बाद परियोजना का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया गया।
प्राधिकरण को बताया गया कि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान भारी बारिश के कारण परियोजना स्थल पर भूस्खलन हुआ। वहीं, जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना भी स्थानीय मुकदमेबाजी के चलते प्रभावित रही। रेरा ने माना कि परियोजना बुनियादी ढांचे की कमी, प्राकृतिक आपदाओं और कानूनी अड़चनों के कारण व्यावहारिक नहीं रह गई है। इसके बाद परियोजना का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया गया।