मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आपदा के बाद आकलन के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ शीघ्र देने का अनुरोध किया। बैठक में हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित लद्दाख के मध्य सरचू व शिंकुला क्षेत्रों में अंतरराज्यीय सीमा विवाद को सुलझाने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने राजस्व घाटा अनुदान में हो रही कमी और जीएसटी मुआवजे के बाद भी वर्ष 2023-24 तक राज्य को 9,478 करोड़ के राजस्व घाटे की भरपाई के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ की भूमि और परिसंपत्तियों में हिमाचल के 7.19 प्रतिशत हिस्से के वैध अधिकार की बात करते हुए कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 के तहत जरूरी है। उन्होंने सर्वाेच्च न्यायालय के 2011 के उस निर्णय का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत जनसंख्या अनुपात हस्तांतरण के आधार पर हिमाचल प्रदेश संयुक्त पंजाब में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का हकदार है और यही बीबीएमबी की ओर से उत्पादित बिजली में वैध हिस्सेदारी का आधार भी है।