इनमें हिमाचल प्रदेश की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। चंबा-किलाड़ मार्ग को प्राथमिकता-2 श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा खानागुंती-लामखागा दर्रा-हरसिल और वांगतु-मुड-अट्टरगू सड़क परियोजनाओं को भी सूची में स्थान मिला है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से चंबा जिले के चुराह, पांगी और किलाड़ जैसे दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों को वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। वर्तमान में भारी बर्फबारी, भूस्खलन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों का संपर्क अक्सर प्रभावित होता है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
रक्षा मंत्रालय के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार चंबा-किलाड़ सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन मानकों के अनुरूप विकसित करने का प्रावधान किया गया है। परियोजना के तहत नए सड़क खंडों के निर्माण और किलाड़ तक निर्माणाधीन मार्गों के साथ बेहतर संरेखण (अलाइनमेंट) तैयार करने पर भी विचार किया जाएगा। परियोजना के क्रियान्वयन में सीमा सड़क संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, जबकि वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से किया जाएगा।
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने जताया आभार
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि चंबा-किलाड़ मार्ग को राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजना में शामिल किया जाना चंबा जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। महाजन ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से चुराह, पांगी और किलाड़ जैसे क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को वर्षभर सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा।