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Himachal Budget 2025: होमस्टे और होटल बनाने के लिए ऋण पर 4 से 5 फीसदी अनुदान, स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे

Mon, 17 Mar 2025 09:37 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल सरकार ने मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्टअप योजना की शुरूआत की है। इसके तहत प्रदेश के युवाओं को होमस्टे और होटल बनाने के लिए ऋण लेने पर 4 फीसदी तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्टअप योजना की शुरूआत की है। इसके तहत प्रदेश के युवाओं को होमस्टे और होटल बनाने के लिए ऋण लेने पर 4 फीसदी तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा।

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जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को इस योजना के तहत 5 फीसदी ऋण अनुदान मिलेगा। इस योजना से युवाओं के लिए स्वरोजगार के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा। प्रदेश सरकार की इस योजना से पर्यटन के क्षेत्र में स्वरोजगार के मौके तलाश रहे युवाओं को बड़ी राहत मिली है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में होटल और होम स्टे खुलने से स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। इससे प्रदेश के युवा अपने गांव और जिले में ही होटल और होमस्टे चलाकर समृद्ध हो सकते हैं।

सरकार का मानना है कि प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जगह अब लोग ग्रामीण और ऐसी जगहों पर जाने को तरजीह दे रहे हैं, जहां वे सुकून के पल बिता सकें। इसको देखते हुए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
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30 फीसदी उपदान पर मिलेगी फूड वैन
प्रदेश सरकार युवाओं को 30 फीसदी उपदान पर फूड वैन भी उपलब्ध करवाएगी। योजना के तहत प्रदेश सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों और जिला मुख्यालयों में फूड वैन चलाने के लिए युवाओं को यह सुविधा देगी। सरकार ने बजट में इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया है।

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टी-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश सरकार ने बजट में सिक्किम, असम और पश्चिम बंगाल की तर्ज पर टी-टूरिज्म को विकसित करने की घोषणा भी की है। इसके तहत सरकार कांगड़ा के धर्मशाला, पालपुर और बैजनाथ क्षेत्र में ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन को विकसित करेगी। इसके लिए सरकार वर्तमान कानून में संशोधन किया जाएगा। सरकार इसके लिए निवेशकों को बिना किसी समस्या के अनुमतियां देगी। कांगड़ा चाय को जीआई टैग मिला हुआ है। प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करने की योजना के तहत सरकार इस क्षेत्र को विकसित कर रही है। सरकार के मुताबिक इससे चाय बागानों को बढ़ावा मिलेगा तो वहीं बचाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण साबित होगी।
 
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