राज्य सरकार ने स्वरोजगार, उद्यमिता, निजी क्षेत्र और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। अग्निवीर योजना में जब युवक नहीं गए तो प्रदेश में 1,350 कांस्टेबल भर्ती किए जबकि एक हजार और पदों पर पुलिस भर्ती हो रही है। जरूरत पड़ने और भर्तियां भी की जाएंगी। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत ई-टैक्सी, ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है। अब तक 96 युवाओं को करीब सात करोड़ की सब्सिडी मिल चुकी है। 28 रोजगार मेले और 1,587 कैंपस साक्षात्कार आयोजित कर 23 हजार से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए गए। एक लाख से अधिक युवाओं को आजीविका परामर्श व मार्गदर्शन, 90 हजार से अधिक को कौशल विकास भत्ता दिया गया।
भाजपा विधायक जीतराम कटवाल ने प्रश्नकाल में मामला उठाते हुए कहा कि शिक्षा, पुलिस, बिजली बोर्ड, लोक निर्माण और अन्य विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, फिर भी भर्ती प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही। यदि लाखों रोजगार दिए गए हैं तो उनका प्रभाव जमीन पर क्यों दिखाई नहीं देता। नेता विपक्ष ने कहा कि सरकार के आंकड़े गुमराह करने वाले हैं। पुलिस में 3,753, जल शक्ति में 517, बिजली बोर्ड में 3,635, लोक निर्माण विभाग में 2,768, उच्च शिक्षा में 3,432, प्राथमिक शिक्षा में 10,583 पद रिक्त हैं। चार साल बीत गए हैं, सरकार भर्तियों का काम कब शुरू करेगी। भाजपा विधायक विक्रम सिंह ने भी सवाल पूछना चाहा। तब विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक ही सवाल में 25 मिनट बीत गए हैं। नियम 130 के तहत इस पर चर्चा कर लेना। इस पर बिफरे विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी और आठ मिनट पर सदन में हल्ला करने के बाद वाकआउट किया।