स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्तरीय कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
नशा मुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्तरीय कार्यक्रम करवाया गया। इस अवसर पर डॉ. शांडिल ने लोगों से मादक द्रव्यों के सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहने, इसके विरुद्ध सामूहिक सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और नशे के समूल नाश के लिए एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं सहित सभी लोगों को नशा निवारण शपथ भी दिलवाई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध (निवारण एवं नियंत्रण) विधेयक-2025 पारित कर नशा तस्करों को मुत्यु दंड, आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने के अतिरिक्त अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की कुर्की किए जाने का प्रावधान किया है। हिमाचल प्रदेश ड्रग्स एवं नियंत्रण पदार्थ (रोकथाम, नशामुक्ति और पुनर्वास) विधेयक-2025 पारित कर अवैध व्यापार में शामिल तस्करों को कड़ी सजा और जुर्माने के प्रावधान सहित नशा मुक्ति, पुनर्वास, निवारक शिक्षा एवं आजीविका सहायता के वित्तपोषण के लिए एक राज्य कोष की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है।
मंत्री शांडिल पंजाब के अमृतसर स्थित गुरू नानक देव विश्वविद्यालय में हुए राष्ट्र स्तरीय नशा मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम से भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वह अपने-अपने घरों, आसपास की जगहों और अपने दोस्तों के बीच नशे से दूर रहने का संदेश फैलाएं और अपने आचरण से दूसरों के लिए प्रेरणा बने। निदेशक ईसोमसा सुमित खिमटा, निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. पंकज ललित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स रमेश शर्मा इस दौरान मौजूद रहे।