सेवानिवृत्त एचएएस अधिकारी से हुई 73 लाख की ठगी के मामले में मंडी जिला अदालत ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने पुलिस को आरोपियों के सीज खातों से 19 लाख रुपये पीड़ित के खाते में रिलीज करने के आदेश दिए हैं। ठगी का मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य रेंज मंडी ने आरोपियों के वह खाते सीज किए थे, जिनमें उन्होंने पीड़ित से लिए पैसे ट्रांसफर करवाए थे।
पुलिस के अनुसार गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश और राजस्थान के बैंकों में खुलवाए गए सात खातों में 21 लाख पड़े हैं। पुलिस ने इसकी जानकारी कोर्ट में दी थी। इस बीच, पीड़ित ने अदालत में आवेदन दिया और आरोपियों से खातों से राशि रिलीज करवाने की मांग की थी।
13 सितंबर को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य रेंज मंडी में मामला दर्ज किया गया था। हमीरपुर निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपियों ने सीबीआई के अधिकारी बन उसके बैंक खातों का आतंकी गतिविधियों में प्रयोग का डर दिखा उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा गया और 73 लाख रुपये ठगे। मामला दर्ज होने के कुछ घंटे के बाद ही पुलिस ने चार विभिन्न राज्यों में स्थित बैंकों के सात खातों में 21 लाख रुपए सीज करवा दिए।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य रेंज मंडी के एएसपी मनमोहन सिंह ने बताया कि कोर्ट ने 19 लाख की राशि के रिलीज करने के आदेश दिए हैं। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य रेंज मंडी में ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। थाने में बीस लाख से अधिक के ठगी के मामले की जांच हो रही है। ठगी के एक मामले में पुलिस पंजाब में दबिश देने की तैयारी में है।