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Hamirpur (Himachal) News: आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को मिलेंगे बाजरे के मीठे और नमकीन बिस्कुट

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गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी दिए जाएंगे बिस्कुट
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तीन से छह वर्ष के बच्चों को 30-30 ग्राम बिस्कुट देने की व्यवस्था
मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए किया गया है मेन्यू में बदलाव

सोनम शर्मा
हमीरपुर। प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को बाजरे के मीठे और नमकीन बिस्कुट भी दिए जाएंगे। जुलाई में यह योजना शुरू हो जाएगी। इससे पहले इन्हें ओट के बिस्कुट दिए जाते थे। यह बाजरे के बिस्कुट बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं। टेक होम राशन में 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों को 40 ग्राम बाजरे के बिस्कुट का आवंटन किया जाएगा। इसके साथ 3 से 6 साल के बच्चों को 30 ग्राम बाजरे के बिस्कुट स्नैक्स के दौरान दिए जाएंगे। अगर स्नैक्स का आवंटन नहीं होता है तो दोपहर के भोजन के साथ बच्चों को यह बाजरे के बिस्कुट दिए जाएंगे।

वहीं, मेन्यू के अनुसार जिस दिन नमकीन भोजन मिलेगा उसी दिन मीठे बाजरे के बिस्कुट दिए जाएंगा। जिस दिन मीठा भोजन बनेगा उसे दिन नमकीन बाजरे के बिस्कुट दिए जाएंगे। वहीं, गर्भवती व धात्री महिलाओं को 40-40 ग्राम बाजरे के बिस्कुट देने की व्यवस्था की गई है। जुलाई के मेन्यू में चावल, दलिया, शक्कर, साबुत चना, दाल चना, राजमाह, रिफांइड, नमक, सोयाबीन, पंजीरी, दूध, सेवेइयां, बाजरे के मीठे व नमकीन बिस्कुट शामिल किए गए हैं। बाजरे से बने बिस्कुट फायदेमंद इसलिए हैं क्योंकि यह शुगर को कंट्रोल करते हैं।
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बाजरा मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम बीपी, डायबिटीज और हृदय रोगों के जोखिम कारकों को रोकने में मदद करता है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में भी मददगार है। जिला हमीरपुर में 1351 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 17828 के करीब बच्चे हैं। इस बारे में सीडीपीओ हमीरपुर बलवीर बिरला ने कहा कि मेन्यू में परिवर्तन शिमला से ही होता है। समय-समय पर विभाग निदेशालय स्तर पर इस तरह के बदलाव करता है। जिला से सामग्री की मांग निदेशालय को भेजी जाती है।
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