बंदरोह पेयजल टैंक का क्षतिग्रस्त छत।
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हमीरपुर। जल शक्ति विभाग के ऊहल उपमंडल के तहत गांव बंदरोह के लोगों को खुले पेयजल टैंक से पानी की आपूर्ति की जा रही है। पेयजल टैंक की छत पिछले कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है और इसी के कारण टैंक में लावारिस पशुओं के मुंह मारने और बंदरों के नहाने तक के आरोप हैं। खुले टैंक से पेयजल आपूर्ति होने के चलते बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। पंचायत उपप्रधान ने मामला उठाया है।
ग्राम पंचायत भटेड़ के उपप्रधान अनिल कुमार ने वीडियो जारी कर पेयजल टैंक की वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया है। उनके अनुसार विभाग की लापरवाही से गांव बंदरोह के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। टैंक में बंदर नहाते हैं और पशु-पक्षियों की गंदगी टैंक में गिरकर पेयजल को दूषित करती है। शिकायतों के बावजूद विभाग इस टैंक की छत को रिपेयर नहीं कर रहा है। अगर इस गंदे पानी के पीने से कोई बीमारी फैलती है तो इसके लिए जल शक्ति विभाग जिम्मेवार होगा। पंचायत उपप्रधान अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जनप्रतिनिधियों का फोन तक नहीं उठाते हैं। 60 परिवार दूषित जल पीने को मजबूर हैं।
जलशक्ति विभाग ऊहल सब डिविजन के एसडीओ रविंद्र कुमार ने बताया कि टैंक क्षतिग्रस्त है, लेकिन विभाग ने इसकी छत को टिन डालकर ढका हुआ है। टिन को हटाकर वीडियो बनाई गई है। यहां नया टैंक बनकर तैयार हो गया है। शीघ्र ही नए पेयजल टैंक से सप्लाई शुरू की जाएगी।