हमीरपुर। जलशक्ति विभाग की कराड़ा पेयजल योजना का पानी पीने योग्य नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद अब संयुक्त सैंपल भी लेबोरेटरी में फेल हो गया। लैब में जांच के दौरान पानी के सैंपल में बैक्टीरिया पाया गया है। 27 जून को भी स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल जांच में पानी में बैक्टीरिया की पुष्टि की थी। हालांकि जलशक्ति विभाग द्वारा लिए गए सैंपल में पानी की गुणवत्ता सही बताई गई थी।
अलग-अलग रिपोर्ट आने पर विधायक राजेंद्र राणा और उपायुक्त हमीरपुर हेमराज बैरवा ने कराड़ा पेयजल योजना का खुद निरीक्षण किया था और जलशक्ति विभाग और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त सैंपल एकत्रित कर जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद 30 जून को दोनों विभागों ने संयुक्त सैंपल एकत्रित किया। अब बुधवार को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर से आई सैंपल रिपोर्ट में पानी में बैक्टीरिया निकला है। दूसरी बार सैंपल फेल होने के बाद जलशक्ति विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के कटघरे में है, क्योंकि पेयजल योजना से अकसर सैंपल जलशक्ति विभाग ही लेता है। स्वास्थ्य विभाग तो तभी सैंपल एकत्रित करता है, जब कोई महामारी फैलती है।
पीलिया के तीन और मामले
बीएमओ टौणीदेवी डॉ. अभिनीत शर्मा की अगुवाई में बुधवार को छह विभिन्न टीमों ने पीलिया प्रभावित क्षेत्र के लोहारीं, कटियारा, करयाली, सराहकड़, भरनांग, रोपा, भरेटा, कराड़ा, लंबेहड़ा, धंगोटा अधियां, भटेर, बलह, ठाणा, ख्याह ब्राह्मणा, मूहीं, दरोगन, कोट और कुनाणा आदि गांवों का दौरा कर लोगों की स्क्रीनिंग की। स्क्रीनिंग के दौरान पीलिया के तीन नए मामले मिले हैं। इसके बाद पीलिया ग्रस्त मरीजों की संख्या 99 पहुंच गई है। 74 मरीज स्वस्थ्य हो गए हैं, जबकि 25 संक्रिय हैं। पांच गंभीर मरीज अभी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। क्लोरीन टेबलेट वितरित की जा रही हैं। मरीजों के खून के सैंपल और पेयजल के सैंपल भी एकत्रित किए गए।
पानी की संयुक्त सैंपल रिपोर्ट में भी बैक्टीरिया निकला है। कराड़ा पेयजल योजना का पानी दूषित पाया गया है। बुधवार को पीलिया के तीन नए मामले सामने आए। छह स्वास्थ्य टीमों ने 18 गांवों का दौरा कर मरीजों की स्क्रीनिंग के साथ ही दवाइयां वितरित की और सैंपल एकत्रित किए।
-डॉ. आरके अग्निहोत्री, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर।