हमीरपुर के मटाहनी में पासिंग के लिए खड़े वाहन।
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हमीरपुर। परिवहन विभाग ने जिले के करीब 180 संचालकों को वाहनों की फिटनेस के लिए बुला लिया, लेकिन विभाग के एमवीआई समेत अन्य कर्मचारी खुद मौके पर नहीं पहुंचे। फिटनेस की जांच न होने से जाड़े और बारिश के बीच यहां अपने वाहनों की फिटनेस चेक करवाने पहुंचे करीब पौने दो सौ लोगों को परेशानी हुई। गुस्साए वाहन मालिकों ने कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया की बात करते हैं, दूसरी तरफ परिवहन विभाग ने इस डिजिटल समय में वाहन मालिकों को फिटनेस टेस्ट के स्थगन की सूचना देना तक उचित नहीं समझा। जिला भर के दूरदराज के इलाकों से हमीरपुर के मटाहनी गांव में अपने वाहनों की फिटनेस के लिए पहुंचे लोगों ने विभाग की इस कार्यप्रणाली के प्रति रोष जताया है।
वाहन मालिकों ने कहा कि मंगलवार को हमीरपुर में हलकी बारिश थी और इस बारिश में वाहनों की पासिंग हो सकती थी। वहीं, दोपहर बाद बारिश थम चुकी थी। वाहन मालिकों ने दो बजे तक एमवीआई का इंतजार किया, लेकिन परिवहन विभाग का कोई कर्मचारी यहां नहीं पहुंचा। जिसके चलते अपनी दिहाड़ी छोड़ कर यहां पहुंचे टैक्सी, बस और ट्रक व टिपर ऑपरेटरों को परेशानी हुई। वहीं, निजी वाहनों की फिटनेस करवाने वाले लोग भी ठंड के मौसम में सड़क किनारे बैठकर परिवहन विभाग के स्टाफ का इंतजार करते रहे, लेकिन सारी मेहनत व्यर्थ चली गई। बता दें कि निजी वाहनों की पंद्रह और पांच साल के बाद फिटनेस की जांच होती है, जबकि कॉमर्शियल वाहनों की हर साल फिटनेस जांची जाती है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
उधर, परिवहन विभाग के एमवीआई दिग्विजय सिंह ने कहा कि बारिश के चलते वाहनों की फिटनेस नहीं हो पाई। अब 15 जनवरी को फिर से फिटनेस टेस्ट होगा।