tgt teachers degree investigation started
ताल (हमीरपुर)। बिहार की मगध यूनिवर्सिटी से फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्र हासिल कर शिक्षक बनने के मामले के बाद अब विजिलेंस के कहने पर प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर ने सभी टीजीटी शिक्षकों की डिग्री जांच शुरू कर दी है।
फर्जी डिग्री से शिक्षक बनने वालों की शिनाख्त करने के लिए अब शिक्षा विभाग ने डिग्री जांच की मुहिम चला दी है। जिले में 162 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च पाठशालाएं हैं। इनमें से 18 स्कूलों ने विभाग के पास डिग्री जांच के लिए तमाम जानकारी और दस्तोवज पहुंचा दिए हैं। बाकी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को दस मई तक दस्तावेज मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर ने जिले के सभी स्कूलों में तैनात टीजीटी के योग्यता प्रमाण पत्रों को जांच के लिए ईमेल की है। शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों की जांच के लिए शिक्षकों से ही फीस की वसूली करने का प्रावधान किया गया है। एक टीजीटी शिक्षक के प्रमाणपत्रों की जांच पर 1600 से 5000 रुपये तक खर्च होने हैं। दस्तावेजों की जांच के लिए राज्य, बोर्ड और स्तर अनुसार वेरिफिकेशन फीस देनी होगी। टीजीटी शिक्षकों को ही इसका खर्च वहन करने को कहा गया है।
फीस का बोझ शिक्षकों पर डालने का टीजीटी कला संघ ने विरोध किया है। संघ के अध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय हीर ने कहा कि फरमान के बाद स्कूल मुखिया टीजीटी शिक्षकों से फीस का ड्राफ्ट मांग रहे हैं। इससे उनकी डिग्री और कोर्सों की सत्यता के लिए मामला दस्तावेज समेत भेजा जा सके। संघ ने मांग की कि इसकी फीस की शिक्षा विभाग और सरकार व्यवस्था करे।