हमीरपुर। नेताजी सुभाष चंद्र स्मारक राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में इस सत्र से दो नए विषयों भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र में पीजी कक्षाएं शुरू करने का मुद्दा गर्मा गया है। प्रदेश विश्वविद्यालय से विशेषज्ञों की एक टीम मंगलवार को महाविद्यालय में सुविधाओं का जायजा लेने आ रही है। शिमला विवि से आने वाली कमेटी हमीरपुर कॉलेज में क्लासरूम, लैब और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेकर रिपोर्ट विवि प्रशासन और प्रदेश शिक्षा निदेशालय को सौंपेगी।
इस रिपोर्ट के बाद ही शिक्षा विभाग हमीरपुर महाविद्यालय में इन दो विषयों में पीजी कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लेगा। शिक्षा विभाग से बजट जारी होने के बाद कॉलेज में इन दोनों विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू करने के लिए अलग-अलग लैब बनाने का कार्य भी शुरू हो गया है। इन तैयारियों के बीच भौतिक शास्त्र विषय के प्रवक्ताओं ने इन कक्षाओं में पढ़ाने में अपनी असमर्थता जताते हुए लिखित में अपना पक्ष कॉलेज प्रिंसिपल के समक्ष रखा है। कॉलेज प्रिंसिपल को लिखे इस पत्र के बाद जिलेभर के विद्यार्थियों और अभिभावकों में काफी गुस्सा है।
एबीवीपी, एनएसयूआई और एसएफआई समेत हमीरपुर कॉलेज का अभिभावक-शिक्षक संघ भी कॉलेज प्रवक्ताओं के नकारात्मक रवैये को लेकर खासे नाराज हैं। उधर, हमीरपुर कॉलेज पीटीए अध्यक्ष राजगोपाल शर्मा, समाजसेवी अनूप पराशर, अणु कलां पंचायत के पूर्व प्रधान और भाजपा नेता सुरेंद्र मिन्हास, हमीरपुर व्यापार मंडल के प्रधान अनिल सोनी, अधिवक्ता रोहित शर्मा, सुशील शर्मा और एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव टोनी ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर कॉलेज में भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र में पीजी कक्षाओं की सुविधा मिलनी चाहिए।
बयान-
डिग्री कॉलेज हमीरपुर में छात्र संगठनों और पीटीए कमेटी की मांग पर इस सत्र से दो नए विषयों भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र में पीजी कक्षाएं शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं। 31 अगस्त को हिमाचल प्रदेश विवि शिमला से एक कमेटी भी कॉलेज में आ रही है।
-डॉ. अंजू बत्ता सहगल, प्रिंसिपल, एनएसबीएम राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर।
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वर्तमान में छह विषयों में चल रही हैं पीजी कक्षाएं-
वर्तमान में डिग्री कॉलेज हमीरपुर में अंग्रेेजी, हिंदी, ज्यूलॉजी, बॉटनी, गणित और अर्थशास्त्र की पीजी कक्षाएं चल रहीं हैं। भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र में पीजी कक्षाओं में पढ़ाई की सुविधा मिलने से जिले के बच्चों को शिमला विवि या अन्य निजी महाविद्यालयों का रुख नहीं करना पड़ेगा। निजी महाविद्यालय में भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र में पीजी की पढ़ाई करने के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च होता है।