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गेट पर हुई स्क्रीनिंग, साबुन से धुलवाए हाथ

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हमीरपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर में सोमवार सुबह के 8:35 हो रहे हैं। स्कूल में विद्यार्थी पहुंचना शुरू हो गए हैं। गेट पर विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद विद्यार्थियों को हाथ धोने के लिए ले जाया गया।
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स्कूल में लगभग सभी विद्यार्थी मास्क लगाकर पहुंचे हैं। हर विद्यार्थी के हाथ साबुन से धुलवाए गए। नौ बज रहे हैं और लगभग सभी विद्यार्थी स्कूल पहुंच गए हैं। कक्षाओं में अध्यापक हर विद्यार्थी को सामाजिक दूरी नियमों का पालन करते हुए अलग-अलग बेंच पर बिठाना सुनिश्चित कर रहे हैं।
9:30 बज रहे हैं और अध्यापक पहले सभी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य बारे पूछ रहे हैं और कोरोना से जुड़ी गाइडलाइन को फॉलो करने के आवश्यक दिशानिर्देश दे रहे हैं। दस बजे दसवीं कक्षा की विद्यार्थियों की अंग्रेजी विषय की कक्षा लगी है। विद्यार्थी ध्यानपूर्वक कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। 11:30 बजे हैं और जमा दो की रसायन विज्ञान की कक्षा लगी है। अध्यापक राज कुमार विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान पढ़ा रहे हैं।
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वहीं, दूसरी ओर वाणिज्य संकाय की कक्षा में 12:30 दसवीं के विद्यार्थियों के लिए लंच ब्रेक की गई। इसमें सभी विद्यार्थियों के पहले हाथ धुलवाए और बाद में कक्षा में एक अध्यापक की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने लंच किया। वहीं, 12:40 पर जमा दो के विद्यार्थियों को लंच ब्रेक किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर की प्रधानाचार्य नीना ठाकुर ने कहा कि स्कूल में दसवीं कक्षा में कुल 44 में से 18 विद्यार्थी और जमा दो में कुल 109 में से 39 विद्यार्थी स्कूल आए हैं।
वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या हमीरपुर के प्रधानाचार्य विजय गौतम ने कहा कि पहले दिन दसवीं कक्षा में कुल 51 में से 17 और जमा दो में कुल 114 से 57 विद्यार्थी स्कूल आए हैं। जिले में 46 दिन बाद सोमवार को फिर से स्कूल खुल गए। सोमवार को दसवीं और जमा दो कक्षा के विद्यार्थी स्कूल आए। विद्यार्थियों की स्कूल पहुंचने पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। विद्यार्थियों के लिए मास्क लगाकर आना अनिवार्य किया गया था और अधिकतर विद्यार्थी मास्क लगाकर ही स्कूल पहुंचे थे। सुबह साढ़े आठ के बाद विद्यार्थी स्कूल पहुंचने शुरू हो गए। ऐसे में अध्यापकों को स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग करने और सैनिटाइजेशन करने में किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।
इनसेट...
उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक दिलबर जीत चंद्र ने कहा कि दसवीं में कुल 3289 विद्यार्थी हैं जिसमें से सोमवार को 1903 विद्यार्थी स्कूल आए। जमा दो में कुल 4822 विद्यार्थी हैं जिसमें से 2696 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। दसवीं के 57.85 फीसदी, जमा दो के 55.91 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
क्या कहते हैं विद्यार्थी
कोरोना के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित : अनीश
जमा दो के अनीश ने कहा कि स्कूल खुलने से अब काफी लाभ होगा। कोरोना के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित होती रही है। ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जाती हैं लेकिन नेटवर्क समस्याओं के कारण काफी दिक्कत होती रही। लेकिन अब स्कूल खुल गए हैं और पढ़ाई अच्छे से होती रहेगी। उन्होंने कहा कि अब स्कूलों को बंद नहीं करना चाहिए बल्कि पूरे इंतजामों के साथ स्कूल खुले रखने चाहिए।
स्कूल खुलने के बाद मिली काफी राहत : मोहन
जमा दो के मोहन सिंह ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि लगातरा मोबाइल से पढ़ाई करने के कारण आंखों में भी असर हो रहा है। अध्यापकों से ऑफलाइन पढना ही सबसे अधिक लाभदायक होता है। ऑनलाइन कक्षाओं में कई तथ्य स्पष्ट भी नहीं हो पाते लेकिन ऑफलाइन कक्षाओं में ऐसी कोई परेशानी नहीं होती।
अध्यापकों ने समय समय पर की सहायता : शिवानी
दसवीं कक्षा की शिवानी ने कहा कि स्कूल खुलने से अब पढ़ाई अच्छे से हो पाएगी। कोरोना के कारण पढ़ाई पर काफी प्रभाव पड़ा। लंबे समय तक घरों में रहने के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। अध्यापकों ने समय समय पर सहायता की लेकिन जो पढ़ाई ऑफलाइन होती है वह ऑनलाइन नहीं हो पाती।
बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत : अकांक्षा
दसवीं कक्षा की अकांक्षा ने कहा कि स्कूल खुल गए हैं और नियमित तौर पर स्कूल आएंगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए अब ऑफलाइन कक्षाएं लगाकर खूब मेहनत की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल आने पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई और हैंड सैनिटाइजेशन भी की गई।
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