फाइलें लंबित होने से बिना पदोन्नति ही सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी
बिजली बोर्ड पेंशन फोरम इकाई नादौन की बैठक में पेंशनरों ने विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। बिजली बोर्ड पेंशन फोरम इकाई नादौन की बैठक रविवार को नादौन में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता इकाई अध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने की। बैठक में बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड एक गैर जिम्मेदार प्रबंधक वर्ग के हाथों में होने से लगातार आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। एक जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर संशोधित वेतनमान का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भी हजारों पेंशनरों के पेंशन संशोधन के मामले हल नहीं हो पाए हैं और जिन पेंशनरों का पेंशन में संशोधन हुआ भी है, उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। यहां तक कि पिछले एक वर्ष में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को उनके लीव-इन-कैशमेंट व ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं हो पा रहा है और मेडिकल बिलों की अदायगी भी नहीं हो पा रही है। खरवाड़ा ने कहा कि आज पेंशनरों व कर्मचारियों की देनदारियों की लगभग 300 करोड़ से ज्यादा की ड्राइंग लिमिट लंबित पड़ी है। प्रबंधन वर्ग बिजली बोर्ड को चलाने में पूर्ण रूप से विफल रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 हजार पेंशनरों में से मात्र 1800 का ही संशोधन हो पाया है। आज बिजली बोर्ड लिमिटेड में कर्मचारियों की प्रमोशन की फाइलें साढ़े तीन माह से लंबित होने की वजह से कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं। प्रबंध निदेशक हरिकेश मीना बिजली बोर्ड की स्थिति को सुधारने के बजाय उसको और बदतर बनाने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री बिजली बोर्ड को जिम्मेदार प्रबंधक वर्ग के हवाले करें और वर्तमान में काम कर रहे कार्यवाहक प्रबंध निदेशक को अति शीघ्र बोर्ड से हटाएं ताकि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।