एक बार जांच होने के बाद अब पुन: जांच के आए निर्देश
पूर्व में प्रधानाचार्य ने तैयार की थी स्कूल की जांच रिपोर्ट
खामियों के चलते अब सेक्शन अधिकारी कर रहे मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला की व्यावसायिक शिक्षा के बजट को अन्य मदों पर खर्च करने के मामले की दोबारा जांच शुरू हो गई है। अब खामियों की जांच को लेकर पिछले चार वर्ष का डाटा खंगाला जा रहा है। शिक्षा सचिव ने सेक्शन अधिकारी हमीरपुर को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। मामले में एक व्यक्ति ने आरटीआई के तहत विभिन्न मदों के खर्च को लेकर जानकारी मांगी थी। इसकी घंगोटा स्कूल के प्रधानाचार्य ने जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी थी लेकिन व्यक्ति की ओर से जो दस्तावेज मांगे गए थे, वे नहीं दिए गए। ऐसे में अब सेक्शन ऑफिसर को जांच का जिम्मा दिया गया है। मामले में आरटीआई लगाने वाले व्यक्ति का दावा है कि सूचना मांगने पर खामियां छुपाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में आरटीआई लगाने वाले व्यक्ति ने दोबारा सरकार से शिकायत की। अब एक माह बाद खामियाें की जांच का जिम्मा नए अधिकारी को सौंपा है ताकि जांच निष्पक्ष तौर पर की जा सके। जांच में व्यावसायिक शिक्षा के लिए आया एक लाख रुपये का बजट अन्य मदों पर खर्च करने और स्कूल प्रबंधन समिति के फंड को लेकर खाता संबंधी दस्तावेजों की जांच दोबारा होगी। स्कूल में मिड-डे-मील के रिकॉर्ड को भी खंगाला जाएगा। इसके अतिरिक्त कैंटीन के बर्तनों, स्कूल में नए गेट का निर्माण, प्रधानाचार्य कार्यालय में एसी लगाए जाने सहित अन्य कई कार्यों की जांच होगी। यह तमाम कार्य पूर्व प्रधानाचार्य के कार्यकाल में हुए है जो बीते 30 मार्च को सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।
ब्यान:
सरकार से जो आदेश आए हैं उसके तहत सेक्शन अधिकारी जांच कर रहे हैं। इससे पूर्व भी एक जांच स्कूल में इन्हीं मदों पर हो चुकी है। इसकी जांच प्रधानाचार्य ने की। अब जांच सेक्शन अधिकारी कर रहे हैं।
अनिल कौशल, उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर।