हमीरपुर। जिला मुख्यालय से सटी दडूही पंचायत में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव छह माह के भीतर ही रद्द हो गया। ग्रामीणों ने इस प्लांट के विरोध में 30 मार्च को उपायुक्त और विधायक को शिकायत पत्र सौंपा था।
इसके बाद पंचायत ने शनिवार को इस मुद्दे पर ग्राम सभा बुलाई थी।
ग्राम सभा में बीडीओ हमीरपुर अस्मिता ठाकुर, बीडीसी के वाइस चेयरमैन संजीव शर्मा और पंचायत प्रधान ऊषा बिरला समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एकमत से प्लांट का विरोध किया। इसके चलते 2 अक्तूबर 2021 को पारित प्रस्ताव को पंचायत ने शनिवार को सर्वसहमति से रद्द कर दिया।
हैरानी की बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार से 16 लाख रुपये स्वीकृत हो चुका है। इसकी एक किस्त पंचायत के खाते में भी आ चुकी है। अब प्रोजेक्ट के रद्द होने से इस राशि को वापस सरकार को लौटाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों पर बिना ग्रामीणों से चर्चा किए प्लांट के लिए स्वीकृति देने के भी आरोप लगाए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का तर्क है कि जब पंचायत में प्लांट के निर्माण को लेकर प्रस्ताव लाया था तब लोगों ने विरोध नहीं जताया था।
दरअसल शुरुआती चरण में लोगों को प्लांट के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। पंचायत में प्रस्ताव पारित कर खंड विकास कार्यालय हमीरपुर को यह प्रस्ताव सौंपा गया। अब यह कार्य शुरुआती चरण में शुरू होने वाला था। प्लांट के निर्माण के लिए भूमि को समतल करने के लिए पैसा भी खर्च किया गया है। प्लास्टिक वेस्ट से ईंटें तैयार की जानी थीं। ग्रामीणों ने इस प्लांट के निर्माण से पर्यावरण को नुकसान होने की संभावना भी जताई थी।
इसलिए किया विरोध:
प्लांट के निर्माण के लिए दडूही पंचायत में जो जगह चिह्नित की है, वहां पर 5 मीटर की दूरी पर डिस्पेंसरी और 10 से 15 मीटर की दूरी पर राशन डिपो है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं बुजुर्गों का यहां पर आना-जाना लगा रहता है। ग्रामीणों का कहना था कि यहां पर प्लांट के निर्माण से पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डीसी हमीरपुर को भी इस विषय पर प्रस्ताव दिया गया कि यहां पर प्लांट का निर्माण न किया जाए।
पंचायत के प्रधान उषा बिरला का कहना है कि पंचायत के 2 अक्तूबर 2021 को आयोजित ग्राम सभा में ही प्लांट के निर्माण के लिए प्रस्ताव लाया गया था। तब लोगों ने इसके लिए सहमति दी थी। संभव है कि लोग इसके लिए अधिक जागरूक न हों। अब लोगों की तरफ से विरोध दर्ज करवाया जा रहा है। इसके चलते शनिवार को ग्राम सभा में चर्चा के बाद इस प्रोजेक्ट को रद्द करना पड़ा।