राज्य बिजली बोर्ड ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता संघ की बैठक में मौजूद पदाधिकारी और सदस्य।
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हमीरपुर। राज्य बिजली बोर्ड स्नातक कनिष्ठ अभियंता संघ की प्रदेशस्तरीय बैठक हमीरपुर में प्रदेशाध्यक्ष दीपक चौहान की अध्यक्षता में हुई। संघ के महासचिव अनिल चौहान ने कहा कि इस बैठक में सभी जिलों के ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं ने भाग लिया और संघ की लंबित मांगों पर चर्चा की गई। संघ की प्रमुख मांगों में ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता का पदोन्नति कोटा पांच फीसदी से बढ़ाकर तीस फीसदी किया जाए। भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन बिजली बोर्ड में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं की संख्या के अनुरूप बराबर किया जाए। महासचिव ने कहा कि जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग में 2014 में भर्ती ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं को पदोन्नत कर दिया गया है, जबकि बिजली बोर्ड में 2011 से कार्यरत कनिष्ठ अभियंता पदोन्नत नहीं हुए हैं।
बोर्ड में आईटी और ईसीई के अभियंताओं को इलेक्ट्रिकल अभियंताओं से अलग श्रेणी में रखा जाए। आईटी और ईसीई के अभियंताओं को फील्ड में इलेक्ट्रिकल के पद पर तैनाती न दी जाए। फील्ड स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए। सभी फील्ड कर्मचारियों को वाहन भत्ता, फील्ड में उचित गुणवत्ता का सामान मुहैया करवाया जाए और गैर जरूरी सामान की खरीद पर रोक लगाई जाए। ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं को पदोन्नत कर डेपुटेशन पर बोर्ड के बाकी इंजीनियर कैडर की तर्ज पर भेजना, पुरानी पेंशन बहाली, लाइन की दुर्घटना की एफआईआर कनिष्ठ अभियंता पर न करना, 2013 के बाद बोर्ड कर्मचारियों को बिजली भत्ता फिर से शुरू करना आदि मांगों को पूरा करने की गुहार बिजली बोर्ड प्रबंधन और प्रदेश सरकार से की गई।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कई बार सरकार और बिजली बोर्ड को मांग पत्र भेजे गए हैं, लेकिन सरकार किसी भी मांग को अमल में लाने में बिफल रही है। कनिष्ठ अभियंता पूरी लग्न से अपने कार्यों को अंजाम देते हैं। बोर्ड प्रबंधन के पक्षपात रवैये से 400 ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं में रोष है। संघ ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से कनिष्ठ अभियंताओं के साथ हो रहे अन्याय पर संज्ञान लेने और जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग की तर्ज पर लाभ प्रदान करने की मांग की है।