सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग
एनएच निर्माण से टूटे पाइप, 27 दिन से पेयजल को तरसे लोग
समस्या का समाधान न होने पर लोगों ने मंत्रालय के खिलाफ की नारेबाजी
गांव धरयाड़ा और हिम्मर में 27 दिनों से पानी की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
टौणी देवी (हमीरपुर)। धरयाड़ा और हिम्मर गांव में 27 दिन से पेयजल किल्लत से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्र में एनएच हमीरपुर-मंडी के निर्माण कार्य के चलते पेयजल सप्लाई की पाइपलाइन टूट गई है। ऐसे में समस्या का समाधान न होने पर आक्रोशित लोगों ने निर्माणाधीन एनएच पर उतरकर सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय और निर्माण कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक माह बीतने को है और पाइपों की मरम्मत तक नहीं की गई है। ऐसे में पानी न मिलने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। दिनचर्या प्रभावित होने के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को गांव धरयाड़ा और हिम्मर के लोग एकत्रित हुए तथा निर्माण कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। ग्रामीणों दीनानाथ, रामलाल, दिनेश कुमार, ईशान का कहना है कि पिछले 27 दिन से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। निर्माण कार्य के दौरान गगेड़ी के पास पानी के पाइपों को तोड़ दिया गया है। लोगों ने समस्या के समाधान की मांग उठाई थी लेकिन पाइपों की मरम्मत नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को प्रदर्शन करना पड़ा है।
कोट
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के साइट इंजीनियर सुनील ने कहा कि चार पाइप तोड़े गए थे। इनमें से दो को जोड़ दिया गया है तथा अन्य दो को रात तक जोड़ दिया जाएगा।
सशस्त्र गांव में एक माह से नहीं आया पानी
हमीरपुर। जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित सशस्त्र गांव में एक माह से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। इससे ग्रामीण खासे परेशान हैं। लोगों का कहना है कि इसके लिए उन्होंने जल शक्ति विभाग को शिकायत भी की लेकिन विभाग गहरी नींद सोया हुआ है तथा समस्या का हल नहीं किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में रोष है। लोग पेयजल सप्लाई के अलावा इर्द गिर्द के जलस्त्रोतों से पानी पीने को मजबूर हैं। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।