बारी मंदिर में रुद्राभिषेक की तैयारी करते पंडित।
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हमीरपुर। अवाहदेवी नेशनल हाईवे पर स्थित शिव मंदिर बारी इन दिनों विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सावन मास के चलते यहां लोग दूर-दूर से आकर शिवलिंग का रुद्राभिषेक करवा रहे हैं। रोग, संकट व ग्रह दोष से छुटकारा पाने के लिए शिव मंदिर बारी में प्रतिदिन लोग पहुंच रहे हैं। 80 साल में यह अनुष्ठान पहली बार शिव मंदिर में किया का रहा है।
मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य माधव कृष्णा शास्त्री ने कहा कि रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान रुद्र का अभिषेक अर्थात शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों से अभिषेक करना। जीवन में कोई कष्ट हो या कोई मनोकामना हो तो सच्चे मन से रुद्राभिषेक करके देखें। निश्चित रूप से अभीष्ट लाभ की प्राप्ति होगी। आचार्य माधव कृष्णा शास्त्री ने कहा कि रुद्र भगवान शिव का ही प्रचंड रूप है।
इनका अभिषेक करने से सभी ग्रह, बाधाओं और सारी समस्याओं का नाश होता है। रुद्राभिषेक में शुक्ल यजुर्वेद के रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों का पाठ किया जाता है। यदि वर्षा चाहते हैं तो जल से रुद्राभिषेक करें। रोग और दु:ख से छुटकारा चाहते हैं तो कुशा जल से अभिषेक करना चाहिए। मकान, वाहन या पशु आदि की इच्छा है तो दही से अभिषेक करें। लक्ष्मी प्राप्ति और कर्ज से छुटकारा पाने के लिए गन्ने के रस से अभिषेक करें। उत्तराखंड के गंगोत्री से आए पुरोहित वैदिक व पौराणिक विधि से रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कर अब तक कई लोगों को लाभ पहुंचा चुके हैं।