बड़सर (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल बड़सर में लंबे समय से हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
फ्रैक्चर, जोड़ों के दर्द और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
करीब 50 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इस अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ के अभाव में मरीजों को संबंधित बीमारियों के विशेषज्ञ उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ता है।
वहीं, सर्जन की सुविधा न होने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी विजय कुमार, अशोक शर्मा, राजेंद्र सिंह, कविता देवी, मनोज कुमार और सीमा देवी ने कहा कि फ्रैक्चर या गंभीर चोट लगने की स्थिति में मरीजों को दूसरे अस्पतालों तक ले जाना मुश्किल हो जाता है।
बुजुर्गों और गंभीर रूप से घायल मरीजों के परिजनों को विशेष रूप से दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने सिविल अस्पताल बड़सर में हड्डी रोग विशेषज्ञ और सर्जन की जल्द तैनाती करने की मांग उठाई है।
कोट:
अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया है। ऐसे केंद्रों में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद पहले से स्वीकृत हैं। अब इन पदों पर चिकित्सकों की तैनाती की जानी है। अस्पताल में जल्द ही हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी।
-डॉ. अरविंद टंडन, बीएमओ बड़सर