हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 800 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट तकनीकी खराबी से बंद हो गया है। वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर ले जाने पड़ रहे हैं।
हालांकि, इससे पहले प्लांट से ऑक्सीजन की सीधी आपूर्ति वार्डों तक की जा रही थी, लेकिन अब प्लांट के बंद होने से इसकी सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्लांट में आई तकनीकी दिक्कत को ठीक करने के लिए काफी बजट की आवश्यकता है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया है।
ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत के लिए काफी खर्चा आता है। कुछ महीने पहले भी यह प्लांट खराब हुआ था। उस समय भी काफी समय तक इस प्लांट की सेवाएं नहीं मिल पाई थीं। काफी मशक्कत के बाद प्लांट ठीक हुआ था। अब पुन: इस प्लांट में दिक्कत आ गई है।
गौर हो कि मेडिकल कॉलेज में तीन ऑक्सीजन प्लांट हैं। यह सबसे अधिक क्षमता वाला प्लांट है। एक मिनट में 800 लीटर ऑक्सीजन पैदा करता है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की मानें तो सिलिंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति ऑक्सीजन प्लांट के मुकाबले सस्ती पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोजाना 1000 से 1500 की ओपीडी होती है। यहां पर जिला हमीरपुर, कांगड़ा के मरीज आते हैं। वहीं, गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है।
कोट
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी दिक्कत आई है। इसकी मरम्मत के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है, जल्द ही इसकी मरम्मत कर दी जाएगी।
-डॉ. देसराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर