हमीरपुर। नगर निकायों में पालतू कुत्तों के पंजीकरण की व्यवस्था कागजों में ही सिमट कर रह गई है। जिले के पांच शहरी निकायों में अब तक सिर्फ 13 लोगों ने ही अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाया है।
हैरानी की बात यह है कि अधिकांश नगर निकाय अधिकारी यह तक नहीं जानते कि उनके क्षेत्र में कितने लोग पालतू जानवर पाल रहे हैं। नियमों के मुताबिक कुत्ते पालने से पहले पंजीकरण करवाना अनिवार्य है, लेकिन न अधिकारी इसे लेकर गंभीर हैं और न ही आम लोग जागरूक हैं।
नगर परिषद सुजानपुर, नादौन और नगर पंचायत भोरंज, बड़सर और भोटा में कुत्तों के पंजीकरण के नियम सिर्फ फाइलों में ही कैद हैं। नगर पंचायत भोटा में आवारा कुत्तों की वैक्सीनेशन को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, नगर परिषदों के पास यह तक रिकॉर्ड नहीं है कि उनके शहर में कितने पालतू कुत्ते हैं। लोग भी पंजीकरण को लेकर लापरवाह हैं।
कई लोग कुछ समय बाद अपने कुत्तों को सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं, जो राहगीरों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। नगर परिषद सुजानपुर में केवल पांच और नादौन में तीन लोगों ने अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाया है। नगर पंचायत भोटा में भी महज पांच पंजीकरण हुए हैं। लोगों में पंजीकरण करवाने को लेकर कुछ क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव है, लेकिन नगर निकायों की ओर से जागरूकता को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
नवगठित निकायों भोरंज और बड़सर में भी कोई व्यवस्था नहीं
हाल ही नगर पंचायत भोरंज और बड़सर का गठन किया गया है। यहां पर भी पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए कोई प्रणाली विकसित नहीं है। यहां पर चुनावों के बाद ही इस दिशा में कुछ कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
नियम तो हैं, पर पालन शून्य
पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाने के लिए 300 से 500 रुपये तक का शुल्क निर्धारित है। अगर कोई व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते का पंजीकरण नहीं करवाता है, तो उस पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत
सुजानपुर में हाल ही में एक आवारा कुत्ते ने 28 लोगों और जानवरों पर हमला किया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। राहगीर प्रवेश कुमार, संजय कुमार, दिनेश कुमार, राज कुमार और प्रवीण कुमार का कहना है कि नगर निकायों को पालतू कुत्तों के पंजीकरण और आवारा कुत्तों के टीकाकरण को लेकर सख्त कदम उठाने चाहिएं, ताकि ऐसी घटनाएं अन्य क्षेत्रों में न दोहराई जाएं।
नगर परिषद नादौन के कार्यकारी अधिकारी से सवाल-जवाब
प्रश्न: नगर परिषद नादौन और सुजानपुर के तहत कितने लोगों ने पालतू जानवरों का पंजीकरण करवाया है?
उत्तर : नगर परिषद नादौन में तीन और सुजानपुर में पांच लोगों ने अपने जानवरों का पंजीकरण करवाया है।
प्रश्न: शहर में कितने लोगों के पास पालतू कुत्ते हैं, इसका कोई आंकड़ा है?
उत्तर: नहीं, वर्तमान में यह आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसके लिए शीघ्र ही कवायद शुरू की जाएगी।
प्रश्न: आवारा कुत्तों की वैक्सीनेशन को लेकर क्या व्यवस्था है?
उत्तर: सुजानपुर में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, नादौन में भी जल्द शुरू की जाएगी।
हमीरपुर बाजार में घूम रहे आवारा कुत्ते । संवाद