दिसंबर में जिले में आए थे 510 मामले, अब हुए 501
सुपर फूड रागी के लड्डुओं का कमाल
अति 195 कुपोषित बच्चों में भी एक बच्चा हुआ है रिकवर
1351 आंगनबाड़ी केंद्रों में बांटें जा रहे रागी के लड्डू और पौष्टिक आहार
बवीता चंदेल
हमीरपुर। जिले में कुपोषित बच्चों के आंकड़ों में कमी आई है। दिसंबर में जिले में 510 मामले सामने आए थे, अब 501 रह गए हैं। इसका कारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में पारंपरिक व्यंजनों को शामिल करना है। सुपर फूड रागी के लड्डू को भी आहार में शामिल किया गया है। जिले के 1351 आंगनबाड़ी केंद्रों में बांटें जा रहे रागी के लड्डुओं के उपयोग के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। सुपर फूड से नौ कुपोषित और एक अति कुपोषित बच्चा रिकवर हुआ है। ऐसे में अब विभाग ने सप्ताह में दो दिन के बजाय तीन दिन बच्चों को सुपर फूड रागी के लड्डू देने का निर्णय लिया है। भविष्य में आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपर फूड की मात्रा को बढ़ाने पर निर्णय लिए जाने की संभावना है।
जिला प्रशासन के सहयोग से महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से यह पहल की गई है। इस पहल का नतीजा है कि पारंपरिक खाद्य पदार्थों से विमुख हो चुके लोगों को फिर इससे जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में जिले में कुपोषित 501 और अति कुपोषित बच्चे 194 हैं। दिसंबर में किए गए सर्वे में जिले में कुपोषित बच्चे 510 और अति कुपोषित बच्चों की संख्या 195 थी। जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की ओर से वर्ष 2022 में जिला में कुपोषण का कम करने के लिए काम शुरू किया था। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपर फूड का वितरण कर रही हैं। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्ताह में प्रतिदिन मैन्यु के अनुसार बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान किया जा रहा है ताकि बच्चों को स्वस्थ बनाया जा सके।
कोट
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से जिलेभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपर फूड वितरण अभियान शुरू किया गया है। अभियान के अब सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य जिला हमीरपुर को कुपोषण मुक्त करना है।