बड़सर (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल बड़सर में ईएनटी विशेषज्ञ न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाक, कान और गले से संबंधित बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने संबंधी अगस्त 2024 में जारी अधिसूचना के दौरान सरकार ने विशेषज्ञ की तैनाती के आदेश जारी किए थे, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है।
विशेषज्ञ की तैनाती न होने से क्षेत्र की करीब 50 पंचायतों की आबादी प्रभावित हो रही है। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 350 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जिनमें से 50 से 60 मरीज नाक, कान और गले से संबंधित बीमारियों के उपचार के लिए आते हैं।
विशेषज्ञ के अभाव में इन मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों वेद प्रकाश, प्रदीप कौशल, सुमन लता, प्रवीण और विधि चंद ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ का रिक्त पद जल्द भरने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ की तैनाती होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिलेगी और उन्हें अनावश्यक परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
कोट
अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया है। अस्पताल में जल्द ही ईएनटी विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी।
-डॉ. अरविंद टंडन, बीएमओ बड़सर