हमीरपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दगनेड़ी ट्रीटमेंट प्लांट में चल रही अव्यवस्थाओं और प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए उठाए गए कदमों से निराश होकर नगर परिषद हमीरपुर को नोटिस जारी किया है। वहीं, एनजीटी दिल्ली ने प्रधान सचिव शहरी विकास और कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को समन जारी कर चार मार्च को वर्चुअल माध्यम से ट्रिब्यूनल के सामने पेश होने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए हैं, इस बारे में बताना होगा। प्रधान सचिव शहरी विकास ने बीते 11 दिसंबर को न्यायाधिकरण को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें हमीरपुर नगर परिषद की ओर से इस मुद्दे को हल करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया गया था।
इसके बाद एनजीटी ऊना की एक टीम ने 19 जनवरी को मौके का निरीक्षण किया और पाया कि ट्रीटमेंट प्लांट पर लीगेसी कचरा भारी मात्रा में पड़ा है और ट्रोमल मशीन भी नहीं चल रही है। मशीन के न चलने से कचरे का पृथिकरण नहीं हुआ है। वहीं, मशीन से निकला प्लास्टिक मैटीरियल भी काफी संख्या में पाया गया और समय पर सीमेंट प्लांट को नहीं भेजा गया। फेंसिंग भी उपयुक्त ऊंचाई तक नहीं पाई गई और रिटेनिंग दीवार भी उपयुक्त तरीके से नहीं बनाई गई थी।
पक्षियों से ट्रीटमेंट प्लांट को बचाने के लिए जाली भी उपयुक्त स्थान पर नहीं लगाई थी। एनजीटी ने उस पर नगर परिषद से स्पष्टीकरण मांगा है। इस संबंध में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी केएल ठाकुर ने कहा कि नोटिस मिला है और निरीक्षण के समय ट्रोमल मशीन के तार टूटने के कारण वह खराब हो गई थी। चार मार्च को एनजीटी के साथ वर्चुअल मीटिंग है।