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यूक्रेन से सकुशल स्वदेश पहुंचे नादौन के दो प्रशिक्षु

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यूक्रेन से लौटने पर भदरोल गांव में बेटे का स्वागत करते परिजन व पंचायत प्रतिनिधि। - फोटो : Hamirpur-HP
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नादौन। उपमंडल नादौन के दो एमबीबीएस प्रशिक्षु यूक्रेन से सकुशल स्वदेश लौट आए हैं। इनमें गौना-करौर की वह छात्रा भी शामिल है जिसके दादा का निधान रूस-यूक्रेन युद्ध की खबर देख कर दिल का दौरा पड़ने से हुआ है।
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छात्रा के पिता सुरेश कुमार ने बताया कि बेटी मंगलवार को सकुशल दिल्ली पहुंच गई है और बुधवार को घर पहुंचेगी। भदरोल पंचायत में यूक्रेन से लौटे शुभम ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद वे चार दिन तक यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में ही रहे। इस दौरान कभी-कभी बमबारी इतनी तेज हो जाती थी की हॉस्टल की दीवारें भी हिलने लगती थी। उस समय हमें मजबूरन बंकरों में रहना पड़ता था। उसने बताया कि पांचवें दिन हमारे लिए बस पहुंची। उसमें 55 छात्र सवार हुए। बस पर तिरंगा लगा था। पंद्रह सौ किलोमीटर का सफर तय करने के बाद बस हंगरी बॉर्डर पर पहुंची।
उन्होंने बताया कि पंद्रह सौ किलोमीटर के सफर में हमें वहां की सेना ने बीच-बीच में रोका। यही देखा कि इस बस में भारत के सिवाय किसी और देश का नागरिक तो नहीं है। हंगरी बॉर्डर पर पहुंचने के बाद सभी छात्रों को भारतीय एंबेसी के अधिकारी हॉस्टल में ले गए। यहां पर रहने तथा खाने का प्रबंध था। उसके अगले दिन हमें एयर इंडिया के विमान से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।
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दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर हमें हिमाचल ले जाने के लिए कई संस्थाओं के लोग निशुल्क छोड़ने के लिए खड़े थे। उन्होंने बताया कि हम सब छात्रों को निशुल्क भारत लाया गया। शुभम की दादी कमला देवी, पिता मिलापचंद, माता सोनू, पंचायत प्रधान अनीता ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारतीय दूतावास का आभार व्यक्त किया है।
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