हमीरपुर बाजार में स्कूल से लौटते दो विद्यार्थी आपस में बातचीत करते हुए।
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हमीरपुर। समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारा जा रहा है। शिक्षा विभाग ने जिलाभर के स्कूलों में शिक्षकों को कक्षाओं में पढ़ाई के दौरान टीचिंग मॉडल और प्रोजेक्टर समेत अन्य शिक्षण सहायक सामग्री को सम्मिलित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए खेल गतिविधियां, वहीं बड़ी कक्षाओं के बच्चों के लिए साप्ताहिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं।
दो साल कोरोना महामारी के दौरान स्कूल बंद रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना और उनके आत्मविश्वास में कमी आई है। वहीं, पढ़ाई के स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। इसे सुधारने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूल में स्मार्ट क्लास रूम, प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इसमें पढ़ाई में पिछड़े बच्चों को उनकी समझ के अनुसार पढ़ाना, पारिवारिक माहौल प्रदान करना, बच्चों से बातचीत करना आदि सम्मिलित किया गया है। हर घर पाठशाला कार्यक्रम के तहत दो वर्ष घरों में आयोजित की जाने वाली साप्ताहिक प्रश्नोत्तरी को स्कूलों में सुचारु कर दिया है। इससे बच्चे सप्ताहभर पढ़े विषयों को साप्ताहिक प्रश्नोत्तरी में रिवाइज कर पाएंगे और उन्हें विषयों को याद रखने में आसानी होगी।
इस संबंध में जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर के प्रधानाचार्य धर्म पाल चौधरी का कहना है कि शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे बेहतरीन शिक्षा प्राप्त कर सकें।