एचपी शिवा परियोजना से लाभान्वित होंगे गांव के 27 किसान
जिले में मौसमी और अमरूद के क्लस्टर हो चुके हैं तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। एचपी शिवा परियोजना राज्य के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के कई गांवों में फलदार पौधों की बहार ला रही है। हमीरपुर जिले में इस प्रोजेक्ट का असर देखने को मिला है। केवल गेहूं, मक्की और धान इत्यादि परंपरागत फसलों की पैदावार करने वाले गांव भी अब परियोजना की मंदद से बागवानी की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इन गांवों की सूची में अब जिला हमीरपुर का एक गांव झिंझकरी भी जुड़ने जा रहा है। इससे पहले इस प्रोजेक्ट के तहत हमीरपुर के कैहडरू में मौसमी और सुजानपुर में अमरूद के बगीचे तैयार किए जा चुके हैं। इससे किसानों को हर साल हजारों रुपये की आय हो रही है। परियोजना की मदद से झिंझकरी गांव के लगभग 27 किसानों की करीब एक हेक्टेयर भूमि पर इस सीजन में अमरूद के पौधों की रोपाई शुरू कर दी गई है। पौधारोपण के लिए जमीन तैयार करने और बाड़बंदी से लेकर पौधरोपण और सिंचाई के प्रबंध तक का सारा कार्य एचपीशिवा परियोजना के माध्यम से मुफ्त किया जा रहा है। गांव के प्रगतिशील किसान हेमराज का कहना है कि परियोजना ने गांववासियों के लिए एक नई राह दिखाई है। उद्यान विभाग और एचपी शिवा परियोजना के अधिकारियों ने गांव के किसानों को परियोजना के तहत मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी और इसका भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद हेमराज सहित गांव के कुल 27 किसानों ने अपनी जमीन पर अमरूद का बगीचा लगाने का निर्णय लिया। जमीन का समतलीकरण का कार्य, बाड़बंदी और गांव के चेक डैम से सिंचाई का प्रबंध परियोजना के माध्यम से किया गया। यहां इस सीजन में अमरूद के पौधों का रोपण भी शुरू कर दिया गया है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश्वर परमार ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के तहत जिला हमीरपुर में 65 क्लस्टरों की 834 हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी कड़ी में गांव झिंझकरी में भी लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर अमरूद का बगीचा लगाने के लिए जमीन तैयार करके इसी सीजन में पौधरोपण भी आरंभ कर दिया गया है।