धनेटा (हमीरपुर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) धनेटा को स्वास्थ्य विभाग ने फार्मासिस्ट और लैब तकनीशियन के सहारे छोड़ दिया है। यहां पर सेवारत चिकित्सक और नर्स को प्रतिनियुक्त पर बुधवार को नादौन अस्पताल भेज दिया।
पीएचसी में चिकित्सक न होने से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। अधिकतर मरीजों ने मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और निजी अस्पतालों का रुख किया। हालांकि, कुछ मरीजों ने फार्मासिस्ट से ही फौरी जांच करवाकर दवाइयां प्राप्त कीं। क्षेत्र के लोगों बलवंत सिंह, सुरेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार, विवेक शर्मा, विशाल कटोच, सतीश शर्मा ने कहा कि बुधवार को पीएचसी में चिकित्सक के न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से यहां पर नियमित चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग की है। ग्रामीणों ने पीएचसी में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा भी मुहैया करवाने की मांग की है।
बता दें कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में धनेटा के आसपास की एक दर्जन ग्राम पंचायतों के मरीज उपचार के लिए आते हैं। यहां पहले लगभग 200 रोगियों की ओपीडी रोजाना होती थी। वर्तमान में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में ओपीडी की संख्या 40 से 50 के बीच रह गई है। स्वास्थ्य सेवाओं की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री से इस पीएचसी को स्तरोन्नत कर सीएचसी का दर्जा दिलाने की मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री ने इस मांग को पूरा भी कर दिया है। बावजूद इसके, यह मांग सीएम की घोषणा तक सही सीमित है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है।
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सिविल अस्पताल नादौन में चिकित्सकों की भारी कमी है। नादौन अस्पताल में महज तीन चिकित्सक ही सेवाएं दे रहे हैं। इसे देखते हुए धनेटा पीएचसी से चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति पर एक-दिन के लिए नादौन अस्पताल भेजा गया है। नादौन अस्पताल के लिए नये चिकित्सक के आदेश हो गए हैं। शीघ्र ही वहां पर चिकित्सकों की बढ़कर चार हो जाएगी। धनेटा पीएचसी में भी नियमित तौर पर चिकित्सक बैठाने की व्यवस्था की जाएगी।
डॉ. आरके अग्निहोत्री
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हमीरपुर